
सांगला (किन्नौर)। जिले में इस बार विदेश से आने वाले पर्यटकों की संख्या बढ़ने के बजाय घटी है। कुछ सालों से जिले के पर्यटन स्थलों में पर्यटकों की आमद में लगातार इजाफा होने से यहां पर्यटन कारोबार खूब फलने फूलने लगा था, लेकिन इस बार कम पर्यटकों के आने से कारोबार में गिरावट आई है।
पर्यटन विभाग के आंकड़े बताते हैं कि इस वर्ष किन्नौर की वादियां विदेशी पर्यटकों को नहीं लुभा पाई हैं। जिले में जारी किए गए इनर लाइन परमिट के आंकड़ों को देखें तो इस वर्ष अब तक मात्र 1885 विदेशी पर्यटकों ने ही किन्नौर की प्राकृतिक सुंदरता को खुली निहारा है। यह आंकड़ा वर्ष 2011 में करीब 2139 रहा। स्वदेशी पर्यटकों की फिलहाल अच्छी तादाद रही है। ट्रैकिंक और अन्य रोमांचकारी खेलों के शौकीन सैलानियों को इस वर्ष बरसात भी नहीं रोक पाई। इनर लाइन परमिट के रिकार्ड के मुताबिक वर्ष 2012 में 1885 के करीब विदेशी पर्यटकों ने सांगला, कल्पा, रकछम, छितकुल, भावावैली, नाकों होते हुए स्पीति और मनाली में ट्रैकिंग व अन्य रोमांचकारी यात्रा का आनंद लिया।
जिले में सड़कों की हालत ठीक न होना भी विदेशी पर्यटकों का इस ओर आकर्षित न होना एक कारण माना जा रहा है। बरसात में यहां कई सड़कें बदतर रही हैं तो कुछ कई महीनों तक बंद भी रही।
जिला पर्यटन अधिकारी एवं एसडीएम कल्पा प्रशांत देष्टा ने माना कि इस बार यहां आने वाले विदेशी सैलानियों की संख्या बीते वर्ष के मुकाबले घटी है। यहां सड़कों और अन्य मूलभूत सुविधाओं को बेहतर करना जरूरी है। तभी सैलानी इस आर खिंचे चले आएंगे। नहीं तो पर्यटकों की संख्या में लगातार गिरावट आती रहेगी।
